इस गाँव के 2 नाम जेठ पूर व तैमूरपूर हैं| इस गाँव में सबसे पहले सूडाना गाँव से प्रभु और सोदागर व कहानोर से रामजीलाल का परिवार आकर बसा| इससे पहले यहाँ पर मुसलमान बसते थे| सरकारी कागजो में गाँव का नाम तैमुरपुर ही चलता है| धीरे धीरे पंजाबी व गुज्जर जुगलाल परिवार आ कर बस गये| गाँव में लोग सादा जीवन व्यतीत करते है| इस गाँव में हिंदू तथा मुसलमान एक साथ रहते हैं जिनमे आपसी भाईचारा कायम है| यहा पर शाकाहारी ज़्यादा व कुछ मात्रा मे मासाहारी भी है| जेठपूर का नाम जेठ के महीने में आनाज निकालने के कारण रखा गया| इस के बाद तैमूर पूर रखा गया, जिसके बारे में जानकारी नही प्राप्त हुई है| तैमुरपुर गाँव को निर्मल गाँव का दर्जा प्राप्त है|